Organisation
BRICS History, Members, Objectives in HIndi
BRICS: इतिहास, सदस्य देश, उद्देश्य और भारत के लिए महत्व
BRICS आज दुनिया के प्रमुख उभरते हुए देशों का एक महत्वपूर्ण समूह बन चुका है। भारत के लिए BRICS केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शासन, व्यापार, विकास, तकनीक, ऊर्जा और Global South से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज रखने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
BRICS क्या है?
BRICS नाम मूल रूप से Brazil, Russia, India, China और South Africa के अंग्रेजी नामों के पहले अक्षरों से बना है। वर्ष 2001 में अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं के संदर्भ में “BRIC” शब्द का प्रयोग किया था। बाद में इन देशों ने इसे एक औपचारिक सहयोग मंच का रूप दिया।
पहला BRIC Summit वर्ष 2009 में आयोजित हुआ। इसके बाद South Africa के शामिल होने से इसका नाम BRICS हो गया।
BRICS का विस्तार
हाल के वर्षों में BRICS का काफी विस्तार हुआ है। वर्ष 2024 में Egypt, Ethiopia, Iran और United Arab Emirates इसके सदस्य बने। इसके बाद Indonesia भी BRICS में शामिल हुआ।
इस विस्तार ने संगठन के भौगोलिक और आर्थिक प्रभाव को काफी बढ़ाया है। आज BRICS दुनिया की बड़ी आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
इस कारण यह समूह विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच बन गया है।
BRICS में भारत की भूमिका
भारत BRICS के संस्थापक सदस्यों में से एक है और शुरुआत से ही इस समूह के एजेंडे को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
वर्ष 2026 में भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और 18वें BRICS Summit की मेजबानी नई दिल्ली में की जा रही है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान resilience, innovation, cooperation और sustainability जैसे मुद्दों पर जोर दिया है।
भारत चाहता है कि BRICS केवल राजनीतिक बयानबाजी का मंच न बने, बल्कि स्वास्थ्य, तकनीक, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, व्यापार और विकास जैसे क्षेत्रों में वास्तविक सहयोग को बढ़ावा दे।
भारत के लिए BRICS क्यों महत्वपूर्ण है?
BRICS भारत को एशिया, अफ्रीका, यूरोप और लैटिन अमेरिका के महत्वपूर्ण देशों के साथ सहयोग बढ़ाने का अवसर देता है।
सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है Global South। भारत लगातार यह बात उठाता रहा है कि विकासशील देशों को संयुक्त राष्ट्र, IMF और World Bank जैसी वैश्विक संस्थाओं में अधिक प्रभावी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
BRICS के माध्यम से भारत विकासशील देशों के हितों को मजबूत तरीके से सामने रख सकता है।
इसके अलावा, New Development Bank के माध्यम से बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
भारत-चीन संबंध और BRICS
BRICS भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि China भी इसका सदस्य है।
भारत और चीन के बीच सीमा, व्यापार और रणनीतिक मुद्दों को लेकर मतभेद हैं। फिर भी दोनों देश कई बहुपक्षीय मंचों पर साथ काम करते हैं।
BRICS इसलिए भारत को चीन के साथ संवाद और सहयोग के लिए एक अतिरिक्त मंच उपलब्ध कराता है।
यह भारत की Strategic Autonomy और Multi-Alignment की विदेश नीति को भी दर्शाता है।
BRICS के सामने चुनौतियां
BRICS के सदस्य देशों की राजनीतिक व्यवस्थाएं, आर्थिक हित और विदेश नीतियां एक-दूसरे से काफी अलग हैं।
भारत-चीन प्रतिस्पर्धा, रूस से जुड़े वैश्विक तनाव और अलग-अलग देशों के क्षेत्रीय हितों के कारण संगठन के भीतर हर मुद्दे पर सहमति बनाना आसान नहीं है।
इसलिए BRICS की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उसके सदस्य केवल घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक सहयोग और ठोस परिणाम भी सुनिश्चित करें।
UPSC के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
BRICS UPSC और State PCS परीक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण Current Affairs विषय है। विद्यार्थियों को इसके इतिहास, सदस्य देशों, उद्देश्यों, New Development Bank, Global South, भारत की भूमिका और बदलती विश्व व्यवस्था को समझना चाहिए।
यह विषय International Relations, Indian Foreign Policy, Economy, Global Governance और Current Affairs से सीधे जुड़ा हुआ है।
BRICS बदलती हुई वैश्विक व्यवस्था में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। इसके माध्यम से भारत विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार की मांग को आगे बढ़ाने का प्रयास कर सकता है।
हालांकि BRICS के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन यदि सदस्य देश अपने मतभेदों के बावजूद व्यावहारिक सहयोग को प्राथमिकता देते हैं, तो यह समूह भविष्य में और अधिक प्रभावशाली बन सकता है।
Grace IAS Academy – Civil Services Preparation
Top IAS Coaching in Chandigarh और Best IAS Coaching in Chandigarh की तलाश कर रहे विद्यार्थियों के लिए BRICS जैसे विषयों को केवल Current Affairs के रूप में नहीं, बल्कि International Relations और भारत की विदेश नीति से जोड़कर समझना महत्वपूर्ण है।
Top UPSC Coaching in Chandigarh और Best UPSC Coaching in Chandigarh की तैयारी में ऐसे समसामयिक विषयों को static concepts के साथ जोड़ना उत्तर लेखन को बेहतर बनाता है।
State Civil Services की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए Top Civil Services Coaching in Chandigarh, Best HCS Coaching in Chandigarh और Top HCS Coaching in Chandigarh जैसे विकल्पों के साथ नियमित Current Affairs अध्ययन भी जरूरी है।
इसी प्रकार PCS की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए Best PCS Coaching in Chandigarh के साथ General Studies, Current Affairs और answer writing पर मजबूत पकड़ सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


